Masik Shiv Ratri

मासिक शिवरात्रि व्रत तिथियां (2024)

2024 मासिक शिवरात्रि व्रत तिथियां 2080 - 2081] विक्रम संवत् मासिक शिवरात्रि 9 जनवरी 2024, मंगलवार 12:01 पूर्वाह्न से 12:55 पूर्वाह्न, 10 जनवरी चतुर्दशी 00 घंटे 54 मिनट पौष, कृष्ण चतुर्दशी प्रारंभ - रात्रि 10:24 बजे, जनवरी 09 समाप्त - रात्रि 08:10 बजे, जनवरी 10 मासिक शिवरात्रि 8 फ़रवरी 2024, गुरुवार 12:09 पूर्वाह्न से 01:01 [...] Continue reading

बलराम जयन्ती (Balarama Jayanti) ddsfs

बलराम जयन्ती (5 Sep 2023) हिंदू पंचांग में हल षष्ठी एक बहुत ही महत्वपूर्ण त्यौहार है। यह प्रभु श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम को समर्पित है। भगवान बलराम माता देवकी और वासुदेव जी के सातवीं संतान थे। हल षष्ठी का त्यौहार भगवान बलराम के जन्म दिवस के दिन मनाया जाता है। श्रवण पूर्णिमा और रक्षाबंधन […]

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पापी मनुष्य सुखी क्यों रहते हैं? व्यास मुनि और कीड़े का संवाद (ऋषि मैत्रेय की कथा)

पापी मनुष्य सुखी क्यों रहते हैं? व्यास मुनि और कीड़े का संवाद (ऋषि मैत्रेय की कथा)

पापी मनुष्य सुखी क्यों रहते हैं? व्यास मुनि और कीड़े का संवाद (ऋषि मैत्रेय की कथा) ऋषि मैत्रेय महाभारत कालीन एक महान ऋषि थे। ये महर्षि पराशर के प्रिय शिष्य और उनके पुत्र वेदव्यास के कृपा पात्र थे। इन्होंने ही दुर्योधन को श्राप दिया था, जिससे उसकी मृत्यु भीमसेन के हाथों हुई। इनका नाम इनकी माता […]

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शिव पुराण का पाठ करने से मनुष्य को क्या क्या प्राप्त हो सकता है ?

शिव पुराण का पाठ करने से मनुष्य को क्या क्या प्राप्त हो सकता है ?

शिव पुराण का पाठ करने से मनुष्य को क्या-क्या प्राप्त हो सकता है ? श्री व्यासजी ने बताया शिव पुराण को आदरपूर्वक पढ़ने अथवा सुनने से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। इसे पहली बार पढ़ने या सुनने से सारे पाप भस्म हो जाते हैं। दूसरी बार सुनने या पढ़ने से भक्तिहीन को भक्ति व […]

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पुरुषोत्तम मास महात्म्य कथा अध्याय 1

पुरुषोत्तम मास महात्म्य कथा अध्याय 1

पुरुषोत्तम मास महात्म्य कथा अध्याय 1 कल्पवृक्ष के समान भक्तजनों के मनोरथ को पूर्ण करने वाले वृन्दावन की शोभा के अधिपति अलौकिक कार्यों द्वारा समस्त लोक को चकित करने वाले वृन्दावनबिहारी पुरुषोत्तम भगवान् को नमस्कार करता हूँ। पुरुषोत्तम मास महात्म्य कथा अध्याय 1 की ऑडियो सुने नारायण, नर, नरोत्तम तथा देवी सरस्वती और श्रीव्यासजी को […]

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सनातन नव वर्ष (विक्रम संवत 2080)

सनातन नव वर्ष (विक्रम संवत 2080)( शक संवत 1945) सनातन नव वर्ष, जिसे भारतीय सनातन धर्म में नव वर्ष के रूप में मनाया जाता है। यह नववर्ष पंचांग के अनुसार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष के प्रतिपदा को मनाया जाता है | इसे नव संवत्सर भी कहा जाता है. चैत्र ही एक ऐसा माह है, [...] Continue reading
Maha Shiv Ratri Katha

‘महाशिवरात्रि’ कथा

‘महाशिवरात्रि’ कथा प्राचीन काल में, किसी जंगल में एक गुरुद्रुह नाम का एक शिकारी रहता था जो जंगली जानवरों का शिकार करता तथा अपने परिवार का भरण-पोषण किया करता था |एक बार शिव-रात्रि के दिन जब वह शिकार के लिए निकला , पर संयोगवश पूरे दिन खोजने के बाद भी उसे कोई शिकार न मिला, [...] Continue reading
Shivlinga(Bhagvan Shiv Urja Swarup)

नर्मदेश्वर शिवलिंग की पौराणिक कथा

भगवान शिव की पूजा के लिए शिवलिंग की पूजा करने का प्रावधान है, शिवलिंग के भी विभिन्न प्रकार होते हैं जैसे - स्वयंभू शिवलिंग, नर्मदेश्वर शिवलिंग, जनेउधारी शिवलिंग, पारद शिवलिंग, सोने एवं चांदी के शिवलिंग। इनमें से नर्मदेश्वर शिवलिंग की पूजा को सर्वश्रेष्ठ माना गया है। एक बार नर्मदा जी ने अत्यधिक कठोर तपस्या करके [...] Continue reading
Badrinath

4 धाम

भारत के 4 धाम जिन स्थानों को सबसे ज्यादा पवित्र माना जाता है उनमें से 4 जगहों को 4 की उपाधि दी गयी है | इनका सीधा सम्बन्ध ईश्वर से हैं | या तो यहाँ स्वयं ईश्वर ने दर्शन दिया है या तो या पर ईश्वर स्वयं विराजमान थे | 8वीं-9वीं सदी में आदिगुरु शंकराचार्य [...] Continue reading
Shivlinga(Bhagvan Shiv Urja Swarup)

12 ज्योतिर्लिंग

12 ज्योतिर्लिंग शिव, महादेव दुष्टों का नाश करने वाले, इन्हें अलग-अलग नामों से पुकारा जाता है लेकिन अंततः सर्वोच्च। शिव का ज्योतिर्लिंग सनातनियों में अत्यधिक पूजनीय है। ज्योतिर्लिंग एक ऐसा मंदिर है जहाँ ज्योतिर्लिंग के रूप में भगवान शिव की पूजा की जाती है। ज्योतिर्लिंग, सर्वशक्तिमान का दीप्तिमान चिन्ह ( प्रतीक) है। ‘ज्योति’ शब्द का […]

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