पापी मनुष्य सुखी क्यों रहते हैं? व्यास मुनि और कीड़े का संवाद (ऋषि मैत्रेय की कथा)

पापी मनुष्य सुखी क्यों रहते हैं? व्यास मुनि और कीड़े का संवाद (ऋषि मैत्रेय की कथा)

पापी मनुष्य सुखी क्यों रहते हैं? व्यास मुनि और कीड़े का संवाद (ऋषि मैत्रेय की कथा) ऋषि मैत्रेय महाभारत कालीन एक महान ऋषि थे। ये महर्षि पराशर के प्रिय शिष्य और उनके पुत्र वेदव्यास के कृपा पात्र थे। इन्होंने ही दुर्योधन को श्राप दिया था, जिससे उसकी मृत्यु भीमसेन के हाथों हुई। इनका नाम इनकी माता […]

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शिव पुराण का पाठ करने से मनुष्य को क्या क्या प्राप्त हो सकता है ?

शिव पुराण का पाठ करने से मनुष्य को क्या क्या प्राप्त हो सकता है ?

शिव पुराण का पाठ करने से मनुष्य को क्या-क्या प्राप्त हो सकता है ? श्री व्यासजी ने बताया शिव पुराण को आदरपूर्वक पढ़ने अथवा सुनने से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। इसे पहली बार पढ़ने या सुनने से सारे पाप भस्म हो जाते हैं। दूसरी बार सुनने या पढ़ने से भक्तिहीन को भक्ति व […]

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सनातन नव वर्ष (विक्रम संवत 2080)

सनातन नव वर्ष (विक्रम संवत 2080)( शक संवत 1945) सनातन नव वर्ष, जिसे भारतीय सनातन धर्म में नव वर्ष के रूप में मनाया जाता है। यह नववर्ष पंचांग के अनुसार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष के प्रतिपदा को मनाया जाता है | इसे नव संवत्सर भी कहा जाता है. चैत्र ही एक ऐसा माह है, [...] Continue reading
Maha Shiv Ratri Katha

‘महाशिवरात्रि’ कथा

‘महाशिवरात्रि’ कथा प्राचीन काल में, किसी जंगल में एक गुरुद्रुह नाम का एक शिकारी रहता था जो जंगली जानवरों का शिकार करता तथा अपने परिवार का भरण-पोषण किया करता था |एक बार शिव-रात्रि के दिन जब वह शिकार के लिए निकला , पर संयोगवश पूरे दिन खोजने के बाद भी उसे कोई शिकार न मिला, [...] Continue reading
Shivlinga(Bhagvan Shiv Urja Swarup)

नर्मदेश्वर शिवलिंग की पौराणिक कथा

भगवान शिव की पूजा के लिए शिवलिंग की पूजा करने का प्रावधान है, शिवलिंग के भी विभिन्न प्रकार होते हैं जैसे - स्वयंभू शिवलिंग, नर्मदेश्वर शिवलिंग, जनेउधारी शिवलिंग, पारद शिवलिंग, सोने एवं चांदी के शिवलिंग। इनमें से नर्मदेश्वर शिवलिंग की पूजा को सर्वश्रेष्ठ माना गया है। एक बार नर्मदा जी ने अत्यधिक कठोर तपस्या करके [...] Continue reading
Badrinath

4 धाम

भारत के 4 धाम जिन स्थानों को सबसे ज्यादा पवित्र माना जाता है उनमें से 4 जगहों को 4 की उपाधि दी गयी है | इनका सीधा सम्बन्ध ईश्वर से हैं | या तो यहाँ स्वयं ईश्वर ने दर्शन दिया है या तो या पर ईश्वर स्वयं विराजमान थे | 8वीं-9वीं सदी में आदिगुरु शंकराचार्य [...] Continue reading
Shivlinga(Bhagvan Shiv Urja Swarup)

12 ज्योतिर्लिंग

12 ज्योतिर्लिंग शिव, महादेव दुष्टों का नाश करने वाले, इन्हें अलग-अलग नामों से पुकारा जाता है लेकिन अंततः सर्वोच्च। शिव का ज्योतिर्लिंग सनातनियों में अत्यधिक पूजनीय है। ज्योतिर्लिंग एक ऐसा मंदिर है जहाँ ज्योतिर्लिंग के रूप में भगवान शिव की पूजा की जाती है। ज्योतिर्लिंग, सर्वशक्तिमान का दीप्तिमान चिन्ह ( प्रतीक) है। ‘ज्योति’ शब्द का […]

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Parampita Parmeshar Shiv with Mata Gauri and Ganesh

52 शक्ति पीठ

52 शक्ति पीठ देवी भागवत पुराण में 108, कालिकापुराण में 26, शिवचरित्र में 51, दुर्गा सप्तशती और तंत्रचूड़ामणि में शक्ति पीठों की संख्या 52 बताई गई है। 1) -हिंगलाज:- माता का हिंगलाज शक्ति पीठ करांची से 125 किमी उत्तर पूर्व में स्थित है| मान्यता है यहाँ माता सती का सिर गिरा था| ब्रह्मरन्ध्र गिरा था|इसकी शक्ति भैरवी […]

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Mata Durga, Skandmata, Mata Shakti Rup

108 शक्ति पीठ 

108 सिद्ध पीठ  महर्षि वेदव्यास जी ने शक्तिपीठों से संबंधित जनमेजय के एक प्रश्न के उत्तर में जिन शक्तिपीठ स्थानों और उनके नामों को उल्लेखित किया है, वे कौन-कौन से हैं – स्थान – शक्तिपीठों के नाम वाराणसी – विशालाक्षी नैमिषारण्य – लिङ्गधारिणी प्रयाग – ललिता गन्धमादन – कामुकी दक्षिणमानस – कुमुदा उत्तरमानस – विश्वकामा […]

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7 मोक्ष पुरी

7 मोक्ष पुरी (7 Moksha Puri ) पुराणों तथा ग्रंथो के मान्यतानुसार भारत में सात ऐसे स्थान हैं, जिन्हें मोक्षदायिनी सप्त पुरियां कहा जाता है। जिसे एक श्लोक द्वारा समझा जा सकता है :अयोध्या-मथुरामायाकाशीकांचीत्वन्तिका, पुरी द्वारावतीचैव सप्तैते मोक्षदायिकाः। 1. अयोध्या – उत्तर प्रदेश भगवान विष्णु के सातवें अवतार श्रीराम का जन्म अयोध्या की पवित्र भूमि […]

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